2014-06-30

मैथिली प्रज्ञा प्रतिष्ठान स्थापनाक प्रयास

मैथिली भाषा–साहित्य आ कला–संस्कृतिक विकासकेँ गति देबऽके उद्देश्यसँ नेपाल मैथिली प्रज्ञा प्रतिष्ठान गठनलेल प्रयास शुरु भेल अछि ।
हालहिँ वृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषद, त्रिभुवन विश्वविद्यालयक मैथिली केन्दीय विभाग, नेपाल विद्यापति पुरस्कार कोष आ मैथिली विकास कोष संयुक्त रुपमे प्रतिष्ठानक गठनकँे प्रारुप प्रस्ताव कएलक अछि ।
मैथिली भाषीकेँ अलग प्रतिष्ठानक अभावककुन्ठावोधसँ उन्मुक्ति, नेपाल आ नेपाली कला–साहित्यक परिधि बिस्तार करबालेल प्रतिष्ठान आवश्यक रहल  प्रस्तावमे कहल गेल अछि । “प्रतिष्ठान गठनसँ भाषिक–साहित्यिक, सांस्कृतिक द्वन्दसँ मुक्ति आ अस्मितावोध, पहिचानक भावना बढ़त” प्रारुपमे लिखल अछि । राज्य मैथिली प्रज्ञा प्रतिष्ठान स्थापनाकऽ मैथिली भाषा–साहित्य, कला–संस्कृतिक संरक्षणके मुद्दाके सम्वोधन करए से माङ कएल गेल अछि ।
प्रतिष्ठानमे मैथिली भाषा–साहित्य, कला–संस्कृति, नाट्य एवं रंगमञ्च, गीत–संगीत, लोकसाहित्य आ बालसाहित्य, संचार आ खेल–मनोरंजन विधाकेँ समेटल जायत ।
नेपाल सरकार आन प्रज्ञा प्रतिष्ठाने जकाँ एकर संरचनागत ढाँचा आ बजेट व्यवस्थापन करबाक माङ प्रस्तावित प्रारुपमे कएल गेल अछि ।
मैथिली विभागक प्रमुख परमेश्वर कापड़ि प्रस्तावित प्रतिष्ठान स्थापनाक प्रारुप राजनीतिक दल, जनकपुर क्षेत्रक सांसद, नेता आ बुद्धिजीवीकेँ दऽ कऽ सहयोग करबाक आग्रह कएने छी से कहलनि । सभगोटे प्रतिष्ठान स्थापनाक लेल सकारात्मक देखल गेल छथि आशा अछि जे ओ सभ एकरा मूर्त रुप देबऽमे सेहो सहयोग करता कापड़ि बतओलनि ।
प्रस्तावित प्रारुपमे परिषद्क अध्यक्ष रामकुमार शर्मा, मैथिली विभाग आ विद्यापति कोषक अध्यक्ष कापड़ि आ मैथिली विकास कोषक अध्यक्ष जिवनाथ चौधरी संयुक्त रुपमे हस्ताक्षर कएने छथि । 

साभार नयाँ नेपाल २०७१ साल अषाढ १६ गते 

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